भारतीयों की यह निराशा समझी जा सकती है, क्योंकि 2012 के बाद यह पहला अवसर है जबकि भारत अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के किसी टूर्नामेंट के नॉकआउट में जगह नहीं बना पाया. भारतीय खिलाड़ियों की निगाहें भी अफगानिस्तान और न्यूजीलैंड के मैच पर टिकीं थीं, लेकिन उन्हें मैच की पहली पारी के बाद ही पता चल गया था कि उन्हें जल्द ही स्वदेश के लिए उड़ान पकड़नी होगी. इससे उन्हें लंबे समय बाद बायो बबल से बाहर रहने का मौका मिलेगा.
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